नमाज़ में पढ़ने वाली दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में

आज इस लेख में आप Namaz Me Padhne Wali Dua यानी नमाज़ में पढ़ी जाने वाली जरूरी दुआएं हिंदी, अरबी और English Transliteration के साथ जानेंगे। साथ ही यह भी समझेंगे कि नमाज़ में किस जगह कौन सी दुआ या ज़िक्र पढ़ा जाता है।

Namaz Me Padhne Wali Dua – नमाज़ में पढ़ने वाली दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में

हमने यहां नमाज़ में पढ़े जाने वाले प्रमुख अज़कार और दुआओं को आसान लफ़्ज़ों में समझाने की कोशिश की है, ताकि आप उन्हें पढ़कर धीरे-धीरे याद कर सकें और नमाज़ में सही जगह पर पढ़ सकें।

यहां यह बात भी समझना जरूरी है कि नमाज़ में केवल दुआएं ही नहीं पढ़ी जातीं, बल्कि क़ुरआन की तिलावत, तस्बीह और दूसरे मस्नून अज़कार भी पढ़े जाते हैं। इस लेख में हमारा फोकस खास तौर पर नमाज़ में पढ़ी जाने वाली दुआओं और अज़कार पर है।

1. नमाज़ की सना

नमाज़ शुरू करने के बाद तकबीर-ए-तहरीमा कहकर सना पढ़ी जाती है। सना के मशहूर अल्फ़ाज़ हैं:

سُبْحَانَكَ اللَّهُمَّ وَبِحَمْدِكَ وَتَبَارَكَ اسْمُكَ وَتَعَالَى جَدُّكَ وَلَا إِلَهَ غَيْرُكَ

हिंदी उच्चारण

सुब्हानकल्लाहुम्मा व बिहम्दिका, व तबारकस्मुका, व तआला जद्दुका, व ला इलाहा ग़ैरुक।

English Transliteration

Subhanak Allahumma Wa Bihamdika, Wa Tabarakasmuka, Wa Ta’ala Jadduka, Wa La Ilaha Ghairuk.

मतलब

ऐ अल्लाह! तू पाक है और हम तेरी ही हम्द बयान करते हैं। तेरा नाम बहुत बरकत वाला है, तेरी शान बहुत बुलंद है और तेरे सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं है।

यह सना नबी ﷺ से रिवायत हुई है।

2. नमाज़ की अत्तहिय्यात

क़ायदा में बैठने पर अत्तहिय्यात (Attahiyat) पढ़ी जाती है:

التَّحِيَّاتُ لِلَّهِ وَالصَّلَوَاتُ وَالطَّيِّبَاتُ، السَّلَامُ عَلَيْكَ أَيُّهَا النَّبِيُّ وَرَحْمَةُ اللَّهِ وَبَرَكَاتُهُ، السَّلَامُ عَلَيْنَا وَعَلَى عِبَادِ اللَّهِ الصَّالِحِينَ، أَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ، وَأَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ

हिंदी उच्चारण

अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबात। अस्सलामु अलैका अय्युहन्नबिय्यु व रहमतुल्लाहि व बरकातुह। अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्लाहिस्सालिहीन। अश्हदु अल्ला इलाहा इल्लल्लाहु व अश्हदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू।

English Transliteration

At-Tahiyyatu Lillahi Was-Salawatu Wat-Tayyibat. Assalamu Alaika Ayyuhan-Nabiyyu Wa Rahmatullahi Wa Barakatuhu. Assalamu Alaina Wa Ala Ibadillahis-Salihin. Ashhadu Alla Ilaha Illallahu Wa Ashhadu Anna Muhammadan Abduhu Wa Rasuluhu.

मतलब

सारी ताज़ीमें, इबादतें, नमाज़ें और पाकीज़ा चीज़ें अल्लाह ही के लिए हैं। ऐ नबी ﷺ! आप पर सलाम हो और अल्लाह की रहमत व बरकतें नाज़िल हों। हम पर और अल्लाह के तमाम नेक बंदों पर भी सलाम हो। मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं और मैं गवाही देता हूं कि मुहम्मद ﷺ अल्लाह के बंदे और उसके रसूल हैं।

3. दुरूद-ए-इब्राहीम

अत्तहिय्यात के बाद नबी ﷺ पर दुरूद भेजा जाता है। मशहूर दुरूद-ए-इब्राहीम (Durood-e-Ibrahim) के अल्फ़ाज़ हैं:

اللَّهُمَّ صَلِّ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا صَلَّيْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ، اللَّهُمَّ بَارِكْ عَلَى مُحَمَّدٍ وَعَلَى آلِ مُحَمَّدٍ كَمَا بَارَكْتَ عَلَى إِبْرَاهِيمَ وَعَلَى آلِ إِبْرَاهِيمَ إِنَّكَ حَمِيدٌ مَجِيدٌ

हिंदी उच्चारण

अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिंव व अला आलि मुहम्मद, कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीम, इन्नका हमीदुम मजीद। अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिंव व अला आलि मुहम्मद, कमा बारकता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहीम, इन्नका हमीदुम मजीद।

English Transliteration

Allahumma Salli Ala Muhammadin Wa Ala Aali Muhammad, Kama Sallaita Ala Ibrahima Wa Ala Aali Ibrahim, Innaka Hamidum Majid. Allahumma Barik Ala Muhammadin Wa Ala Aali Muhammad, Kama Barakta Ala Ibrahima Wa Ala Aali Ibrahim, Innaka Hamidum Majid.

मतलब

ऐ अल्लाह! हज़रत मुहम्मद ﷺ और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फ़रमा, जिस तरह तूने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनकी आल पर रहमत नाज़िल फ़रमाई। बेशक तू हमीद और मजीद है।

ऐ अल्लाह! हज़रत मुहम्मद ﷺ और उनकी आल में बरकत अता फ़रमा, जिस तरह तूने हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम और उनकी आल में बरकत अता फ़रमाई। बेशक तू ही हमीद और मजीद है।

इसके बाद आख़िरी क़ायदा में दुरूद के बाद मस्नून दुआ पढ़ी जाती है।

4. नमाज़ में पढ़ी जाने वाली मस्नून दुआ

नबी ﷺ ने एक सहाबी को नमाज़ में पढ़ने के लिए यह दुआ सिखाई थी:

اللَّهُمَّ إِنِّي ظَلَمْتُ نَفْسِي ظُلْمًا كَثِيرًا، وَلَا يَغْفِرُ الذُّنُوبَ إِلَّا أَنْتَ، فَاغْفِرْ لِي مَغْفِرَةً مِنْ عِنْدِكَ، وَارْحَمْنِي، إِنَّكَ أَنْتَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ

हिंदी उच्चारण

अल्लाहुम्मा इन्नी ज़लम्तु नफ़्सी ज़ुल्मन कसीरन, वला यग़फिरुज़-ज़ुनूबा इल्ला अंता, फ़ग़फिर ली मग़फ़िरतन मिन इंदिका, वरहम्नी, इन्नका अंतल-ग़फ़ूरुर-रहीम।

English Transliteration

Allahumma Inni Zalamtu Nafsi Zulman Kathiran, Wa La Yaghfiruz-Zunuba Illa Anta, Faghfir Li Maghfiratan Min Indika, Warhamni, Innaka Antal-Ghafurur-Rahim.

मतलब

ऐ अल्लाह! मैंने अपनी जान पर बहुत ज़ुल्म किया है और तेरे सिवा कोई गुनाहों को माफ़ करने वाला नहीं है। इसलिए तू अपनी तरफ़ से मुझको खास मग़फ़िरत अता फ़रमा और मुझ पर रहम फ़रमा। बेशक तू ही बहुत बख़्शने वाला और निहायत रहम करने वाला है।

यह दुआ आख़िरी क़ायदा में दुरूद के बाद पढ़ी जा सकती है।

5. नमाज़ में एक और मस्नून दुआ

आख़िरी क़ायदा में दुरूद के बाद नबी ﷺ ने अलग-अलग मस्नून दुआएं पढ़ने की तालीम दी है। उनमें से एक बहुत अहम दुआ यह है:

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ عَذَابِ جَهَنَّمَ، وَمِنْ عَذَابِ الْقَبْرِ، وَمِنْ فِتْنَةِ الْمَحْيَا وَالْمَمَاتِ، وَمِنْ شَرِّ فِتْنَةِ الْمَسِيحِ الدَّجَّالِ

हिंदी उच्चारण

अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिन अज़ाबि जहन्नम, व मिन अज़ाबिल-क़ब्र, व मिन फ़ित्नतिल-मह्या वल-ममात, व मिन शर्रि फ़ित्नतिल-मसीहिद्दज्जाल।

English Transliteration

Allahumma Inni A’udhu Bika Min Adhabi Jahannam, Wa Min Adhabil-Qabr, Wa Min Fitnatil-Mahya Wal-Mamat, Wa Min Sharri Fitnatil-Masihid-Dajjal.

मतलब

ऐ अल्लाह! मैं जहन्नम के अज़ाब से, क़ब्र के अज़ाब से, ज़िंदगी और मौत के फ़ितने से और मसीह दज्जाल के फ़ितने के शर से तेरी पनाह मांगता हूं।

यह दुआ सहीह हदीस में साबित है और इसे सलाम फेरने से पहले पढ़ा जाता है।

6. दुआ-ए-कुनूत

दुआ-ए-कुनूत (Dua-e-Qunoot) को हर नमाज़ में नहीं पढ़ा जाता। वित्र की नमाज़ में कुनूत पढ़ने की रिवायतें मौजूद हैं।

दुआ-ए-कुनूत के मशहूर अल्फ़ाज़ हैं:

اللَّهُمَّ إِنَّا نَسْتَعِينُكَ وَنَسْتَغْفِرُكَ وَنُؤْمِنُ بِكَ وَنَتَوَكَّلُ عَلَيْكَ وَنُثْنِي عَلَيْكَ الْخَيْرَ وَنَشْكُرُكَ وَلَا نَكْفُرُكَ وَنَخْلَعُ وَنَتْرُكُ مَنْ يَفْجُرُكَ…

हिंदी उच्चारण

अल्लाहुम्मा इन्ना नस्तईनुका व नस्तग़फिरुका व नुअमिनु बिका व नतवक्कलु अलैका व नुस्नी अलैकल-ख़ैर व नश्कुरुका व ला नक्फुरुका व नख़लउ व नतरुकु मय्यफ़जुरुक…

English Transliteration

Allahumma Inna Nasta’inuka Wa Nastaghfiruka Wa Nu’minu Bika Wa Natawakkalu Alaika Wa Nusni Alaikal-Khaira Wa Nashkuruka Wa La Nakfuruka Wa Nakhla’u Wa Natruku May-Yafjuruk…

यहां एक जरूरी बात है: दुआ-ए-कुनूत के अलग-अलग मशहूर अल्फ़ाज़ और रिवायतें मिलती हैं, इसलिए किसी एक wording को ही एकमात्र सही wording बताना उचित नहीं।

आम तौर पर हनफ़ी मस्लक में वित्र की तीसरी रकअत में क़िराअत के बाद तकबीर कहकर दुआ-ए-कुनूत पढ़ी जाती है।

7. नमाज़ में पढ़ी जाने वाली कुरआनी दुआ

कुरआन की यह दुआ भी बहुत जामेअ और खूबसूरत दुआ है:

رَبَّنَا آتِنَا فِي الدُّنْيَا حَسَنَةً وَفِي الْآخِرَةِ حَسَنَةً وَقِنَا عَذَابَ النَّارِ

हिंदी उच्चारण

रब्बना आतिना फ़िद्दुन्या हसनतंव व फ़िल-आख़िरति हसनतंव व क़िना अज़ाबन्नार।

English Transliteration

Rabbana Atina Fid-Dunya Hasanatan Wa Fil-Akhirati Hasanatan Wa Qina Adhaban-Nar.

मतलब

ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भी भलाई अता फ़रमा और आख़िरत में भी भलाई अता फ़रमा और हमें जहन्नम के अज़ाब से महफ़ूज़ फ़रमा।

नमाज़ में दुआ किस जगह पढ़ी जाती है?

इसे आसान तरीके से इस तरह समझ सकते हैं:

  • नमाज़ की शुरुआत में: सना पढ़ी जाती है।
  • क़ायदा में: अत्तहिय्यात पढ़ी जाती है।
  • आख़िरी क़ायदा में: अत्तहिय्यात के बाद दुरूद-ए-इब्राहीम पढ़ा जाता है।
  • दुरूद के बाद, सलाम से पहले: मस्नून दुआएं पढ़ी जाती हैं।
  • वित्र की नमाज़ में: अपने मस्लक के मुताबिक़ दुआ-ए-कुनूत पढ़ी जाती है।

यहां यह याद रखना जरूरी है कि नमाज़ में सूरह और तस्बीह भी पढ़ी जाती हैं, लेकिन वे इस लेख में बताई गई दुआओं की सूची से अलग हैं।

नमाज़ में दुआ मांगने का सही तरीका

आख़िरी क़ायदा में अत्तहिय्यात और दुरूद पढ़ने के बाद नबी ﷺ से कई मस्नून दुआएं साबित हैं। इसलिए इस जगह मस्नून दुआएं पढ़ना बेहतर है।

आप अल्लाह तआला से अपनी जायज़ जरूरतों के लिए दुआ भी कर सकते हैं। अपने गुनाहों की मग़फ़िरत, हिदायत, दुनिया और आख़िरत की भलाई, अपने वालिदैन और घरवालों के लिए खैर व आफ़ियत मांग सकते हैं।

एक जरूरी बात

नमाज़ में पढ़ी जाने वाली हर चीज़ को “दुआ” कहना जरूरी नहीं है। कुछ चीज़ें ज़िक्र, कुछ क़ुरआन की तिलावत और कुछ मस्नून दुआएं हैं।

इसी तरह किसी दुआ को नमाज़ के हर हिस्से में पढ़ना जरूरी समझना भी सही नहीं है। नबी ﷺ से जिस जगह जो अमल साबित है, उसे उसी जगह पढ़ना बेहतर है।

अंतिम लफ़्ज़

उम्मीद है कि अब आपको Namaz Me Padhne Wali Dua के साथ-साथ नमाज़ में पढ़े जाने वाले प्रमुख अज़कार और दुआओं की सही जगह भी समझ आ गई होगी।

इस article में हमने दुआओं को Arabic, Hindi Transliteration और English Transliteration के साथ रखा है, ताकि आपको उन्हें पढ़ने, समझने और याद करने में आसानी हो।

नमाज़ सिर्फ कुछ दुआएं याद करने का नाम नहीं, बल्कि अल्लाह तआला के सामने खड़े होकर उसकी इबादत, हम्द, तस्बीह, क़ुरआन की तिलावत और दुआ करने का नाम है।

इसलिए इन दुआओं को जल्दबाज़ी में याद करने के बजाय सही उच्चारण के साथ सीखें और इनके मतलब को भी समझें। खास तौर पर अत्तहिय्यात, दुरूद-ए-इब्राहीम और आख़िरी क़ायदे की मस्नून दुआओं को अच्छी तरह याद करना फायदेमंद है।

अल्लाह तआला हमें नमाज़ को सही तरीके से अदा करने, उसकी पाबंदी करने और नमाज़ में पढ़ी जाने वाली मस्नून दुआओं को सही उच्चारण के साथ पढ़ने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

अगर यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद रही हो तो इसे उन लोगों तक भी शेयर करें जो Namaz Me Padhne Wali Dua in Hindi, Arabic and English सीखना चाहते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग नमाज़ के सही अज़कार और दुआएं सीख सकें।

2 thoughts on “नमाज़ में पढ़ने वाली दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में”

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