खाना खाने की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में

आज हम जानेंगे Khana Khane Ki Dua in Hindi, यानी खाना शुरू करने से पहले पढ़ी जाने वाली दुआ और खाने के इस्लामी आदाब। यहां खाना खाने की दुआ हिंदी, अरबी और English में आसान तरीके से बताई गई है, ताकि आप इसे आसानी से पढ़ सकें, समझ सकें और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अमल कर सकें।

खाना खाने की दुआ | Khana Khane Ki Dua in Hindi

इस्लाम में खाना अल्लाह तआला की एक बड़ी नेमत है। इसलिए खाना शुरू करते समय अल्लाह का नाम लेना और खाना खाने के सुन्नत आदाब का ख्याल रखना चाहिए।

खाना खाने की दुआ हिंदी में

खाना शुरू करते समय सबसे पहले कहें:

बिस्मिल्लाह

इसका मतलब है:

“अल्लाह के नाम से।”

रसूलुल्लाह ﷺ ने खाना खाते समय अल्लाह का नाम लेने की तालीम दी है। अगर कोई शख़्स खाना शुरू करते वक्त बिस्मिल्लाह कहना भूल जाए और बाद में याद आए, तो वह यह पढ़े:

बिस्मिल्लाहि अव्वलहू वा आखिरहू।

Khana Khane Ki Dua in Arabic

खाना शुरू करते समय

بِسْمِ اللّٰهِ

अगर बिस्मिल्लाह कहना भूल जाएं

بِسْمِ اللّٰهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ

Khana Khane Ki Dua in English

Bismillah

अगर खाना शुरू करते समय बिस्मिल्लाह कहना भूल जाएं, तो पढ़ें:

Bismillahi Awwalahu Wa Aakhirahu

इस दुआ को आप आसान तरीके से याद कर सकते हैं और खाना शुरू करते वक्त इसका ख्याल रख सकते हैं।

Khana Khane Ki Dua Ka Tarjuma

बिस्मिल्लाह का मतलब है:

“अल्लाह के नाम से।”

और:

बिस्मिल्लाहि अव्वलहू वा आखिरहू का मतलब है:

“अल्लाह के नाम से, इसके शुरू में भी और इसके आख़िर में भी।”

इसमें बंदा अल्लाह तआला का नाम लेकर खाना शुरू करता है और उसकी नेमत का शुक्र अदा करता है।

खाना खाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

खाना खाने से पहले कुछ बुनियादी आदाब का ख्याल रखना चाहिए। इनमें सबसे अहम यह है कि खाना शुरू करते समय बिस्मिल्लाह कहा जाए।

इसके अलावा:

  • खाना खाने से पहले हाथ साफ़ कर लें।
  • खाना शुरू करते समय बिस्मिल्लाह कहें।
  • दाहिने हाथ से खाना खाएं।
  • अपने सामने से खाना खाएं।
  • खाने में बेवजह ऐब न निकालें।
  • खाना बर्बाद करने से बचें।
  • अल्लाह तआला की दी हुई नेमत का शुक्र अदा करें।

अगर खाना शुरू करते समय बिस्मिल्लाह कहना भूल जाएं, तो याद आते ही “बिस्मिल्लाहि अव्वलहू वा आखिरहू” पढ़ें।

खाना खाने का सुन्नत तरीका

रसूलुल्लाह ﷺ ने खाने-पीने के मामले में भी हमें बहुत से खूबसूरत आदाब सिखाए हैं। इन आदाब का मक़सद सिर्फ़ खाना खाना नहीं, बल्कि अल्लाह की नेमत की क़द्र करना और खाने के दौरान अच्छे अख़लाक़ अपनाना भी है।

बैठकर खाना

खाना आराम और अदब के साथ बैठकर खाना चाहिए। रसूलुल्लाह ﷺ ने टेक लगाकर खाने से परहेज़ किया। इसलिए खाने के दौरान सादगी और अदब का ख्याल रखना चाहिए।

दाहिने हाथ से खाना

खाना दाहिने हाथ से खाना सुन्नत के आदाब में शामिल है। इसलिए जहां मुमकिन हो, खाने के लिए दाहिने हाथ का इस्तेमाल करें।

अपने सामने से खाना

रसूलुल्लाह ﷺ ने एक बच्चे को खाना खाते हुए यह तालीम दी कि वह अल्लाह का नाम ले, दाहिने हाथ से खाए और अपने सामने से खाए।

इसलिए खाना खाते वक्त अपने सामने से खाना चाहिए और दूसरे लोगों के खाने में हाथ नहीं डालना चाहिए।

तीन उंगलियों से खाना

कुछ तरह के खाने को तीन उंगलियों से खाना नबी करीम ﷺ के अमल से साबित है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हर तरह का खाना केवल तीन उंगलियों से खाना ही ज़रूरी है।

खाने की किस्म के मुताबिक़ उचित और साफ़ तरीका अपनाना चाहिए।

खाने में ऐब न निकालें

अगर कोई खाना पसंद न आए तो उसे बुरा-भला कहने के बजाय छोड़ देना बेहतर है। हमें खाने को अल्लाह तआला की नेमत समझकर उसकी क़द्र करनी चाहिए।

खाना बर्बाद न करें

खाने को ज़ाया करना अच्छी बात नहीं है। जितना खाना हो उतना ही अपनी प्लेट में लें और बचा हुआ खाना बेवजह फेंकने से बचें।

खाना शुरू करते समय बिस्मिल्लाह भूल जाएं तो क्या करें?

कभी इंसान जल्दबाज़ी या भूल की वजह से खाना शुरू करते समय बिस्मिल्लाह कहना भूल सकता है। ऐसी सूरत में जब याद आए तो यह पढ़ें:

بِسْمِ اللّٰهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ

Bismillahi Awwalahu Wa Aakhirahu

तर्जुमा:
“अल्लाह के नाम से, इसके शुरू में भी और इसके आख़िर में भी।”

इस बारे में हदीस में हज़रत आयशा رضي الله عنها से रिवायत मिलती है कि जब कोई शख़्स खाना खाते वक्त अल्लाह का नाम लेना भूल जाए, तो याद आने पर यह दुआ पढ़े।

खाना खाने के बाद क्या पढ़ें?

खाना खत्म होने के बाद अल्लाह तआला का शुक्र अदा करना चाहिए। “अल्हम्दुलिल्लाह” कहना अल्लाह की नेमत का शुक्र अदा करने का एक अच्छा तरीका है।

खाने के बाद पढ़ी जाने वाली एक मस्नून दुआ भी हदीस में बयान हुई है:

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلَا قُوَّةٍ

Alhamdu Lillahil-Ladhi At’amani Hadha Wa Razaqanihi Min Ghairi Hawlin Minni Wa La Quwwah.

तर्जुमा:
“तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझे यह खाना खिलाया और मेरी अपनी किसी ताक़त और क़ुव्वत के बिना मुझे यह रोज़ी अता फ़रमाई।”

Khana Khane Ki Dua — एक नज़र में

खाना शुरू करते समय:
بِسْمِ اللّٰهِ

हिंदी:
बिस्मिल्लाह

English:
Bismillah

तर्जुमा:
अल्लाह के नाम से।

अगर शुरुआत में बिस्मिल्लाह भूल जाएं:

بِسْمِ اللّٰهِ أَوَّلَهُ وَآخِرَهُ

Bismillahi Awwalahu Wa Aakhirahu

तर्जुमा:
अल्लाह के नाम से, इसके शुरू में भी और इसके आख़िर में भी।

आख़िरी बात

मेरे प्यारे मोमिनों, उम्मीद है कि अब आपको Khana Khane Ki Dua in Hindi अच्छी तरह समझ आ गई होगी। हमने यहां खाना शुरू करने की दुआ को हिंदी, अरबी और English में आसान तरीके से बताया है, साथ ही खाना खाने के कुछ अहम इस्लामी आदाब भी बयान किए हैं।

कोशिश करें कि हर बार खाना शुरू करते वक्त बिस्मिल्लाह कहना न भूलें और खाने को अल्लाह तआला की नेमत समझकर उसकी क़द्र करें। अगर कभी बिस्मिल्लाह कहना भूल जाएं तो याद आते ही “बिस्मिल्लाहि अव्वलहू वा आखिरहू” पढ़ लें।

अल्लाह तआला हमें अपनी नेमतों की क़द्र करने, सुन्नत के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारने और हर काम में उसका नाम लेने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए।

आमीन या रब्बल आलमीन।

अगर यह जानकारी आपको फ़ायदेमंद लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के लोगों के साथ ज़रूर शेयर करें, ताकि दूसरे लोग भी खाना खाने की दुआ सही तरीके से सीख सकें और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में इसे पढ़ने की आदत बना सकें।

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