Khana Khane Ke Baad Ki Dua in Hindi: खाना खाने के बाद अल्लाह तआला का शुक्र अदा करना और उसकी हम्द करना एक बहुत ही प्यारा अमल है। नबी-ए-करीम ﷺ ने खाना खाने के बाद अल्लाह की तारीफ़ और शुक्र अदा करने की फ़ज़ीलत बयान फ़रमाई है।
Khana Khane Ke Baad Ki Dua in Hindi – खाना खाने के बाद की दुआ
इस लेख में आपको खाना खाने के बाद की दुआ हिंदी, अरबी और English तीनों में आसान तरीके से दी गई है, ताकि आप इसे आसानी से पढ़ सकें, समझ सकें और याद कर सकें।
खाना खाने के बाद की दुआ हिंदी में
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत्अमनी हाज़ा व रज़कनीहि मिन ग़ैरि हौलिन मिन्नी वला क़ुव्वह।
खाना खाने के बाद यह दुआ पढ़कर अल्लाह तआला की दी हुई नेमत का शुक्र अदा करें।
Khana Khane Ke Baad Ki Dua in Arabic
الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَطْعَمَنِي هَذَا وَرَزَقَنِيهِ مِنْ غَيْرِ حَوْلٍ مِنِّي وَلَا قُوَّةٍ
Khana Khane Ke Baad Ki Dua in English
Alhamdu lillahil-ladhi at’amani hadha wa razaqanihi min ghairi hawlin minni wa la quwwah.
यह English transliteration उन लोगों के लिए है जिन्हें अरबी पढ़ने में परेशानी होती है। हालांकि दुआ को सही अरबी अल्फ़ाज़ के साथ पढ़ना बेहतर है।
खाना खाने के बाद की दुआ का तर्जुमा
तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझे यह खाना खिलाया और इसे बिना मेरी किसी ताक़त और क़ुव्वत के मुझे रोज़ी के तौर पर अता फ़रमाया।
इस दुआ में इंसान अल्लाह तआला की नेमत का शुक्र अदा करता है और यह इकरार करता है कि उसे खाना और रोज़ी अल्लाह की तरफ़ से मिली है।
खाना खाने के बाद दुआ पढ़ने की फ़ज़ीलत
खाने के बाद अल्लाह तआला की हम्द और शुक्र करना बहुत बड़ी नेमत है। सहीह मुस्लिम में रिवायत है कि अल्लाह तआला उस बंदे से राज़ी होता है जो खाना खाने या कुछ पीने के बाद उसकी हम्द करता है।
एक रिवायत में खाना खाने के बाद ऊपर दी गई दुआ पढ़ने की फ़ज़ीलत भी बयान हुई है। यह रिवायत सुनन इब्न माजा, हदीस नंबर 3285 में मिलती है।
इसलिए खाना खाने के बाद अल्लाह तआला का शुक्र अदा करना चाहिए और उसकी दी हुई नेमतों की क़द्र करनी चाहिए।
खाना खाने के बाद अल्लाह का शुक्र क्यों करें?
खाना हमारे लिए अल्लाह तआला की एक बड़ी नेमत है। खेतों में अनाज पैदा होने से लेकर हमारे सामने खाना पहुंचने तक बहुत से ज़रिए और असबाब काम करते हैं। इसलिए खाना खाने के बाद अल्लाह की हम्द करना हमें उसकी नेमतों को याद रखने और उसका शुक्र अदा करने की तालीम देता है।
दुआ के अल्फ़ाज़ में भी यही एहसास है कि इंसान अपनी ताक़त पर नहीं, बल्कि अल्लाह तआला के फ़ज़्ल और उसकी अता पर भरोसा करता है।
खाना खाने के बाद पढ़ी जाने वाली दूसरी दुआ
खाने के बाद अल्लाह तआला की हम्द करने के अलग-अलग अल्फ़ाज़ की रिवायतें भी मिलती हैं। मसलन:
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत्अमना व सक़ाना व जअलना मुस्लिमीन।
मतलब: तमाम तारीफ़ें उस अल्लाह के लिए हैं जिसने हमें खाना खिलाया, पानी पिलाया और हमें मुसलमान बनाया।
यह रिवायत सुनन इब्न माजा 3283 में मौजूद है, लेकिन इसे मुख्य दुआ के रूप में पेश करने से पहले इसकी रिवायत का दर्जा ध्यान में रखना चाहिए। इसलिए ऊपर दी गई दुआ को इस लेख में मुख्य दुआ के तौर पर रखा गया है।
खाना खाने के बाद किन बातों का ध्यान रखें?
खाने के बाद साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना भी ज़रूरी है। खास तौर पर हाथों और मुंह की सफ़ाई पर ध्यान देना चाहिए।
खाने के बाद आप:
- अपने हाथों को अच्छी तरह साफ़ कर सकते हैं।
- हाथों पर लगी चिकनाई या खाने के अवशेष को धो लें।
- मुंह और दांतों की सफ़ाई का ख्याल रखें।
- खाना खाने के बाद अल्लाह तआला की हम्द और शुक्र करें।
- ऊपर बताई गई दुआ को पढ़ें।
हदीस में खाने की चिकनाई हाथों पर लगी छोड़कर सोने के संबंध में भी चेतावनी मिलती है। सुनन अबी दाऊद 3852 में इस बारे में रिवायत मौजूद है।
खाना खिलाने वाले के लिए दुआ
अगर किसी ने आपको खाना खिलाया है, तो उसके लिए भी अल्लाह तआला से भलाई और बरकत की दुआ करना अच्छी बात है।
आप उसके लिए इस तरह दुआ कर सकते हैं:
ऐ अल्लाह! जिसने हमें खाना खिलाया, तू उसे भी रोज़ी, बरकत और अपनी रहमत अता फ़रमा। आमीन।
यह एक सामान्य दुआ है और इसे ऊपर बताई गई मस्नून दुआ का हिस्सा नहीं समझना चाहिए।
क्या खाना खाने के बाद हाथ उठाकर दुआ करना ज़रूरी है?
नहीं, खाना खाने के बाद दुआ के लिए हाथ उठाना कोई ज़रूरी शर्त नहीं है। खाना खाने के बाद अल्लाह तआला की हम्द और शुक्र करना और मस्नून दुआ पढ़ना काफ़ी है।
अगर कोई व्यक्ति इसके बाद अपनी किसी ज़रूरत के लिए अल्लाह तआला से दुआ करना चाहे तो वह भी दुआ कर सकता है।
Khana Khane Ke Baad Ki Dua कैसे याद करें?
अगर आपको यह दुआ याद नहीं है तो इसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ें:
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत्अमनी हाज़ा
व रज़कनीहि
मिन ग़ैरि हौलिन मिन्नी
वला क़ुव्वह।
इसे रोज़ाना दोहराने से इंशाअल्लाह दुआ आसानी से याद हो जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खाना खाने के बाद कौन सी दुआ पढ़नी चाहिए?
खाना खाने के बाद यह दुआ पढ़ सकते हैं:
अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अत्अमनी हाज़ा व रज़कनीहि मिन ग़ैरि हौलिन मिन्नी वला क़ुव्वह।
खाना खाने के बाद की दुआ का क्या मतलब है?
इसका मतलब है कि तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जिसने हमें खाना खिलाया और बिना हमारी किसी ताक़त और क़ुव्वत के हमें यह रोज़ी अता फ़रमाई।
क्या खाना खाने के बाद दुआ पढ़ना सुन्नत है?
खाना खाने के बाद अल्लाह की हम्द और शुक्र करना हदीस से साबित है। नबी-ए-करीम ﷺ ने खाना खाने के बाद अल्लाह की हम्द करने की फ़ज़ीलत बयान फ़रमाई है।
क्या खाना खाने के बाद एक से ज्यादा दुआएँ पढ़ सकते हैं?
खाने के बाद अल्लाह की हम्द करने के अलग-अलग अल्फ़ाज़ की रिवायतें मिलती हैं। आप ऊपर दी गई दुआ पढ़ सकते हैं और अल्लाह तआला का शुक्र अदा कर सकते हैं।
आख़िरी बात
उम्मीद है कि अब आपको Khana Khane Ke Baad Ki Dua in Hindi अच्छी तरह समझ आ गई होगी। हमने यहां खाना खाने के बाद की दुआ हिंदी, अरबी और English में आसान तरीके से लिखी है, साथ ही इसका तर्जुमा और इससे जुड़ी जरूरी बातें भी बताई हैं।
खाना अल्लाह तआला की एक बड़ी नेमत है। इसलिए खाना खाने के बाद उसकी हम्द और शुक्र करना चाहिए और उसकी दी हुई नेमतों की क़द्र करनी चाहिए।
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