सो कर उठने की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में

So Kar Uthne Ki Dua in Hindi: इस्लाम में नींद से बेदार होने के बाद अल्लाह तआला की हम्द और शुक्र अदा करना एक खूबसूरत सुन्नत है। हुज़ूर नबी-ए-करीम ﷺ ने सोकर उठने के बाद एक छोटी मगर बेहद मानीख़ेज़ दुआ सिखाई, जिसमें बंदा अल्लाह की हम्द करता है और यह याद करता है कि आख़िरकार उसी की तरफ़ लौटकर जाना है।

सो कर उठने की दुआ हिंदी में — Arabic, English और तर्जुमा

अगर आप सो कर उठने की दुआ हिंदी में, साथ ही इसका Arabic text, English pronunciation और हिंदी तर्जुमा जानना चाहते हैं, तो इस लेख में इसे आसान अंदाज़ में पढ़ सकते हैं।

सो कर उठने की दुआ

नींद से बेदार होने के बाद पढ़ी जाने वाली मस्नून दुआ है:

सो कर उठने की दुआ हिंदी में

अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बा’द मा अमातना व इलैहिन्नुशूर।

यह दुआ नींद से उठने के बाद पढ़ी जाती है और इसमें अल्लाह रब्बुल-आलमीन की हम्द के साथ उसकी नेअमत और अपनी आख़िरत की तरफ़ वापसी को याद किया जाता है।

So Kar Uthne Ki Dua in Arabic

الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَحْيَانَا بَعْدَ مَا أَمَاتَنَا وَإِلَيْهِ النُّشُورُ

So Kar Uthne Ki Dua in English

Alhamdulillahil-ladhi ahyana ba’da ma amatana wa ilayhin-nushur.

सो कर उठने की दुआ का हिंदी तर्जुमा

“तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जिसने हमें मौत जैसी नींद के बाद ज़िंदगी दी और उसी की तरफ़ लौटकर जाना है।”

इस छोटी-सी दुआ में बहुत गहरा मफ़हूम छिपा हुआ है। इंसान जब नींद से बेदार होता है तो सबसे पहले अपने रब की हम्द करता है और इस बात को याद करता है कि ज़िंदगी अल्लाह तआला की अता की हुई नेअमत है और एक दिन हर इंसान को उसी की तरफ़ लौटकर जाना है।

सो कर उठने की दुआ की फ़ज़ीलत और अहमियत

सो कर उठने की दुआ की सबसे खूबसूरत बात यह है कि नींद से आँख खुलते ही इंसान की ज़बान अल्लाह की हम्द से तर हो जाती है। यह दुआ हमें अपनी ज़िंदगी की क़दर करने, अल्लाह की नेअमतों का शुक्र अदा करने और आख़िरत को याद रखने की तरफ़ मुतवज्जेह करती है।

रसूलुल्लाह ﷺ से नींद से बेदार होने के बाद यह दुआ पढ़ना साबित है। इसलिए इसे अपनी रोज़मर्रा की सुन्नत और ज़िक्र का हिस्सा बनाना एक अच्छा और बरकत वाला अमल है।

हालांकि, इस दुआ के बारे में ऐसी खास फ़ज़ीलतें बयान करने से बचना चाहिए जिनका सहीह हदीस में स्पष्ट सबूत मौजूद न हो। मसलन, यह कहना कि इसे पढ़ते ही हर गुनाह माफ़ हो जाएगा, हर परेशानी दूर हो जाएगी या हर जायज़ दुआ ज़रूर कुबूल होगी—ऐसी निश्चित बातें इस दुआ के बारे में सहीह रिवायत से साबित नहीं हैं।

रात में अचानक आँख खुल जाए तो कौन-सी दुआ पढ़ें?

अगर रात में अचानक नींद खुल जाए, तो सोकर उठने की इस दुआ के अलावा एक दूसरी मसनून दुआ भी हदीस में आई है।

सहीह हदीस में आता है कि जो शख़्स रात में बेदार होकर अल्लाह की तौहीद और हम्द वाला यह ज़िक्र पढ़े, फिर अल्लाह तआला से मग़फ़िरत मांगे या कोई दुआ करे, उसके लिए क़ुबूलियत की खुशख़बरी है। इसके बाद अगर वह वुज़ू करके नमाज़ पढ़े, तो उसकी नमाज़ के क़ुबूल होने का भी ज़िक्र आया है।

रात में जागने की दुआ

لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ، لَهُ الْمُلْكُ وَلَهُ الْحَمْدُ وَهُوَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ، الْحَمْدُ لِلَّهِ، وَسُبْحَانَ اللَّهِ، وَلَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ، وَاللَّهُ أَكْبَرُ، وَلَا حَوْلَ وَلَا قُوَّةَ إِلَّا بِاللَّهِ

रात में जागने की दुआ का हिंदी उच्चारण

ला इलाहा इल्लल्लाहु वहदहू ला शरीका लहू, लहुल-मुल्कु व लहुल-हम्दु व हुवा अला कुल्लि शय्इन क़दीर। अल्हम्दु लिल्लाहि व सुब्हानल्लाहि व ला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर, व ला हौला व ला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह।

इसके बाद “अल्लाहुम्मग़फ़िर ली” कहकर अल्लाह तआला से मग़फ़िरत मांगी जा सकती है या अपनी कोई जायज़ दुआ की जा सकती है।

सुबह उठने के बाद क्या करें?

सोकर उठने के बाद सबसे पहले अल्लाह तआला की हम्द करना एक खूबसूरत शुरुआत है। सो कर उठने की दुआ पढ़ने के बाद अपने रोज़मर्रा के कामों में सुन्नत का एहतिमाम करना चाहिए।

मुसलमान के लिए सुबह का वक़्त अज़कार, दुआ, नमाज़ और अल्लाह की याद के साथ शुरू करना दिल को सुकून देने वाला अमल है। सुबह के वक़्त पढ़े जाने वाले दूसरे मस्नून अज़कार और दुआएं भी हैं, लेकिन उनकी अपनी अलग-अलग रिवायतें और फ़ज़ीलतें हैं। इसलिए किसी भी दुआ की खास फ़ज़ीलत बयान करते समय सहीह हदीस और भरोसेमंद हवाले का ध्यान रखना चाहिए।

सो कर उठने की दुआ क्यों याद करनी चाहिए?

ज़रा गौर कीजिए—जब हमारी आँख सुबह खुलती है तो यह अपने आप में अल्लाह तआला की एक बड़ी नेअमत है। इसलिए दिन की शुरुआत दुनिया की फ़िक्र, मोबाइल या सोशल मीडिया से पहले अपने रब की हम्द और शुक्र से करना दिल के लिए एक खूबसूरत आदत बन सकती है।

सोकर उठने की यह छोटी-सी दुआ हमें तीन अहम बातें याद दिलाती है:

  • हम्द: हर तरह की तारीफ़ अल्लाह तआला के लिए है।
  • नेअमत: ज़िंदगी और बेदारी अल्लाह की अता है।
  • आख़िरत: एक दिन हम सभी को अपने रब की तरफ़ लौटकर जाना है।

यही वजह है कि दुआ छोटी होने के बावजूद अपने अंदर बहुत गहरा मफ़हूम रखती है।

सो कर उठने की दुआ याद करने का आसान तरीका

अगर आपको यह दुआ अभी याद नहीं है, तो इसे छोटे हिस्सों में पढ़कर याद कर सकते हैं:

अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना
बा’द मा अमातना
व इलैहिन्नुशूर।

कुछ दिनों तक इसे रोज़ सुबह पढ़ने की आदत बना लेने से दुआ आसानी से ज़ेहन में बस सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सो कर उठने की दुआ क्या है?

सोकर उठने की मसनून दुआ है:

अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बा’द मा अमातना व इलैहिन्नुशूर।

सो कर उठने की दुआ हिंदी में कैसे पढ़ें?

इसे हिंदी में इस तरह पढ़ सकते हैं:

अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बा’द मा अमातना व इलैहिन्नुशूर।

सो कर उठने की दुआ का मतलब क्या है?

इसका मतलब है:

“तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जिसने हमें मौत जैसी नींद के बाद ज़िंदगी दी और उसी की तरफ़ लौटकर जाना है।”

क्या सोकर उठने की दुआ हदीस में है?

जी हाँ। नींद से बेदार होने के बाद पढ़ी जाने वाली यह दुआ सहीह हदीस में रिवायत हुई है और इसे पढ़ना मसनून है।

रात में नींद खुल जाए तो कौन-सी दुआ पढ़ें?

रात में अचानक आँख खुलने पर एक अलग मसनून ज़िक्र हदीस में आया है। इसे पढ़ने के बाद अल्लाह तआला से मग़फ़िरत या अपनी जायज़ दुआ मांगने की फ़ज़ीलत बयान हुई है।

अंतिम बात

मेरे प्यारे मोमिनों, सो कर उठने की दुआ बहुत छोटी, आसान और मानीख़ेज़ है। कोशिश करें कि हर बार नींद से बेदार होने के बाद इसे पढ़ें और अपने दिन की शुरुआत अल्लाह तआला की हम्द, शुक्र और याद से करें।

अल्हम्दु लिल्लाहिल्लज़ी अह्याना बा’द मा अमातना व इलैहिन्नुशूर।

अल्लाह तआला हमें अपनी नेअमतों का शुक्र अदा करने, सुन्नतों पर अमल करने और हर सुबह अपने रब को याद करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।

अगर आपको सो कर उठने की दुआ हिंदी में, Arabic और English के साथ यह जानकारी फ़ायदेमंद लगी हो, तो इसे अपने घरवालों और दोस्तों तक भी पहुंचाएं, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग इस आसान और प्यारे सुन्नत वाले अमल को सीख सकें और अपनी ज़िंदगी में शामिल कर सकें।

2 thoughts on “सो कर उठने की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में”

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